दिल्ली: लैंड पूलिंग पॉलिसी पर डीडीए ने मांगी राय

दिल्ली को स्माट सिटी से भी बेहतर बनाने की सोंच को लेकर डीडीए ने लैंड पूलिंग पॉलिसी पर जनता की राय मांगी है। डीडीए ने इसके लिए एक नॉटिफिकेशन निकाला है जिसके तहत जनता अपने सुझाव और आपत्तियां डीडीए को लिखित में डीडीए कमिश्नर एंव सेक्रेट्री दिल्ली, दिल्ली डेवलप्मेंट अथोर्रिटी को ‘बी’ब्लॉक, विकास सदन नई दिल्ली 110023 पर नोटिफिकेशन की तारीख ……से 45 दिन के दर भेज सकती है। जिसके बाद सरकार जल्द से जल्द इसपर ड्राफ्ट तैयार कर लैंड पूलिंग पॉलिसी को ज़मीन पर उतारना चाहती है।

आपको बता दें लैंड पूलिंग पॉलिसी पर सितंबर 2013 से काम चालू हुआ था लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त थी लेकिन जबसे हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्रर बने और दिल्ली की कमान लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल के हाथ आई इस पॉलिसी पर जोर शोर से काम शुरु हो गया है। 16 जून 2017 को डीडीए ने अपना डेवलपमेंट एरिया नोटिफाई किया जिसमें तहत 95 गांव को शामिल किया गया इसके बाद लगातार मीटिंगों का दौर जारी रहा और नतीजा ये निकला की अब सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए डेवलपर को 60 प्रतिशत हिस्सा देने का फैसला लिया है । इसके तहत लैंड पॉलिसी के तहत ली गई जमीन का 60 और 40 के अनुपात में बंटवारा किया जाएगा यानी 40 फीसदी जमीन पर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 60 फीसदी भूमि उसके मालिक को वापस की जाएगी, जिसमें से 53 प्रतिशत जमीन पर आवासीय यूनिट्स बनाई जा सकेंगी जबकि पांच फीसदी पर सिटी स्तर पर कमर्शल यूज और दो फीसदी पब्लिक और सेमी पब्लिक यूज के लिए विकसित किया जा सकेगा। आपको बता दें पहले ये हिस्सेदारी डीडीए को 52 फ़ीसदी और डेवलपर को 48 फ़ीसदी ज़मीन देने की तय हुई थी । जिससे डेवलपर और किसान दोनों नाराज़ थे। लेकिन अब नई पॉलिसी के तहत डेवलपर और किसान दोनों को ज्यादा फायदा फायदा मिलेने की उम्मीद है।

यह पॉलिसी मास्टर प्लान 2021 के पांच जोन जे, के, आई, एल, एन और पी 2 में लागू की जा सकेगी। सरकार की योजना है कि उसकी लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत 22 हजार हेक्टेयर जमीन उपलब्ध हो सकेगी और इस पर बड़ी संख्या में मकानों का निर्माण किया जा सकेगा। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग वालों के लिए भी मकान बनाए जा सकेंगे। इसके साथ ही इस पॉलिसी में ऐसा प्रावधान भी किया गया है जिसके तहत लैंड ओनर को अपनी जमीन बेचने के लिए कुछ टाइम ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी। जिससे लैंड ओनर को भी जबरदस्त फायदे होने की उम्मीद की जा रही है। इसके साथ ही पॉलिसी में यह भी प्रावधान रखा गया है कि पूरी प्रक्रिया सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से होगा जिससे काम आसानी और जल्द से पुरा किया जा सकेगा

Saurabh Singh

Saurabh is a tech entrepeneur based in Noida. He tweets from @SaurabhSingh.

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