जब ग़लत रिपोर्टिंग करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने NDTV को लगाई कड़ी फटकार

25 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा के मुखिया राम रहीम को साध्वी से रेप के मामले में सीबीआई अदालत से दोषी क़रार दिए जाने के बाद भड़की डेरा समर्थकों की हिंसा की रिपोर्टिंग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने NDTV समेत अन्य मीडिया को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, 2 साध्वियों से रेप के मामले में अदालत के राम रहीम के दोषी क़रार दिए जाने के बाद मीडिया में ऐसी ख़बरें चलनी शुरु हो गईं कि हाईकोर्ट ने हरियाणा की खट्टटर सरकार और केंद्र सरकार को हिंसा फ़ैलाने का जिम्मेदार बताया है।

download

जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिलकुल उलट थी, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जजों की वो खंडपीठ के मुताबिक़ कोर्ट रूम की मीडिया में ग़लत रिपोर्टिंग हुई है। अदालत ने मीडिया को आगाह किया कि वो सिर्फ़ मामले में फ़ैसले की रिपोर्टिंग करे न कि कोर्ट रूम में होने वाली बहसों और अंदर के हालात की। जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वो अपनी भूमिका पूरी ज़िम्मेदारी से नहीं निभा रहा है, मीडिया का कोर्ट रूम के अंदर की गतिविधि को रिपोर्ट करना बिल्कुल सही नहीं है और किसी को ये अधिकार नहीं कि वो कोर्ट रूम के ऑब्जर्वेशन को ग़लत तरीके से पब्लिक डोमेन में लाए। नीचे की एक तस्वीर एनडीटीवी की है, जिसने अदालत की बहस को गलत तरीके से रिपोर्टिंग की।

 

NDTV पर गलत तरीके से तथ्य की रिपोर्टिंग का आरोप है

देखिए कैसे NDTV ने बिना तथ्य समझे अदालती कार्यवाही की ग़लत रिपोर्टिंग की

कोर्ट ने ये साफ माना कि अदालत में PM मोदी के ख़िलाफ़ एक भी शब्द नहीं कहा गया, जबकि मीडिया में इस तथ्य की रिपोर्टिंग हो रही थी कि हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार की पंचकूला हिंसा पर खिंचाई की।

 

एडिशनल सॉलिसीटर जनरल सत्यपाल जैन

एडिशनल सॉलिसीटर जनरल सत्यपाल जैन

बाद में मीडिया रिपोर्ट्स में केंद्र के पक्ष को अदालत में रखने वाले एडिशनल सॉलिसीटर जनरल सत्यपाल जैन ने साफ किया कि कोर्ट ने उनकी दलील के जवाब में ये कहा था कि ” पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, क्या हरियाणा भारत का अंग नहीं है? आख़िर पंजाब और हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?” जबकि मीडिया में लिखा गया कि, अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी पूरे देश के पीएम हैं न कि सिर्फ बीजेपी के।

जिसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने ये साफ़ किया कि अदालत के बयान की ग़लत रिपोर्टिंग हुई है, क्योंकि बिना संदर्भ बताए मीडिया ने कोर्ट रूम की बहस को ग़लत तरीके से प्रस्तुत कर अदालत की छवि ख़राब की।

 

 

 

Team GI

Team GI is a group of committed individuals with National Interest in mind.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *