कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान का फिर ना’पाक’ पैंतरा

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पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान ने एक बार फिर ना’पाक’ पैंतरा चला है, पाकिस्तान ने दावा किया है कि कुलभूषण सुधीर जाधव ने वहां के सेना प्रमुख कमर जावेद बाज़वा के सामने दया याचिका दाखिल की है।

अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में चारों खाने चित्त होने के बावजूद पाकिस्तान बार-बार फ़र्ज़ी वीडियो जारी कर कुलभूषण को आतंकी और जासूस साबित करने की कोशिश में है। अब ISPR यानी इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन ने एक बयान में दावा किया है कि कुलभूषण जाधव ने ये स्वीकार किया है कि वो पाकिस्तान में जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।

पाकिस्तानी सेना के बयान के मुताबिक कुलभूषण जाधव ने अपनी दया याचिका में चीफ़ ऑफ आर्मी स्टाफ से निवेदन किया है कि वो दया करें और उनकी जान बख़्श दें। इससे पहले कुलभूषण जाधव ने सेना की अदालत में रिहाई की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। पाकिस्तानी कानून के मुताबिक सेना प्रमुख से दया याचिका अस्वीकार होने के बाद उसे राष्ट्रपति के पास  भेजा जा सकता है। इस बीच, पाकिस्तान ने एक कथित वीडियो जारी आरोप लगाया कि कुलभूषण जाधव ने आतंकवाद और जासूसी में शामिल होने की बात कह रहे हैं। पाकिस्तान इसे पुराना वीडियो बता रहा है।

 

वहीं, भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दया याचिका को संदिग्ध और आरोपों को बेबुनियाद बताया है। भारत सरकार ने साफ किया है कि गढ़े तथ्यों से हक़ीक़त नहीं बदल जाती।

पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी बाद में  भारत की अपील पर अंतरराष्ट्रीय अदालत ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान की सज़ा के ख़िलाफ भारत पिछले महीने अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का रुख किया था। जहां, भारत को अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में बड़ी जीत मिली थी और हेग की अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने अंतिम फैसला सुनाए जाने तक जाधव की फांसी पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

 

 

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