191 साल की हुई हिंदी पत्रकारिता… आज ही के दिन छपा था पहला हिंदी अख़बार

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आज 30 मई को देश हिंदी पत्रकारिता दिवस मना रहा है.. आज ही के दिन 191 साल पहले सन् 1826 में हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा पंडित जुगुल किशोर मिश्र ने “उदन्त मार्तण्ड” नाम से हिंदी के सबसे पहले अख़बार का साप्ताहिक प्रकाशन शुरु किया था। अपने शाब्दिक अर्थ के मुताबकि उदन्त मार्तण्ड समाचार दुनिया का सूरज ही था। भारत में पत्रकारिता की शुरुआत पंडित युगल किशोर शुक्ल ने ही की थी। तब से लेकर आज तक हिन्दी पत्रकारिता ने एक लंबा सफर तय किया। हालांकि, आज के दौर में पत्रकारिता ने एक व्यवसाय का रूप ले लिया है और मिशन से पीछे छूटती पत्रकारिता अब मीडिया की नई पहचान के रूप में स्थापित हो रही है।

हिंदी पत्रकारिता का प्रबल हस्ताक्षर उदन्त मार्तण्ड
हिंदी पत्रकारिता का प्रबल हस्ताक्षर उदन्त मार्तण्ड

30 मई 1826 को कोलकाता के कालू टोला मोहल्ले से शुरु हुए उदन्त मार्तण्ड की शुरुआत में 500 प्रतियां छपती थीं और ये पत्र हर मंगलवार को निकलता था। लेकिन, इसके पाठक कोलकाता से दूर होने की वज़ह से इस पत्र को लंबे समय तक चलाया नहीं जा सका, क्योंकि उस वक्त अंग्रेज़ी, फ़ारसी और बांग्ला में अनके पत्र छपते थे और हिंदी के पाठक बहुत कम थे। लेकिन, फिर भी पंडित जुगुल किशोर लंबे समय तक पत्रकारिता करते रहे।  हिंदी भाषी क्षेत्रों में पत्र को पहुंचाने में डाक व अन्य खर्चों की वज़ह से इसका बज़ट बहुत बढ़ गया था..लिहाज़ा,  इस पत्र का प्रकाशन रुक गया।

साभार- विकीपीडिया
राजा राम मोहन राय (साभार- विकीपीडिया)

हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत बंगाल से हुई और इसका बहुत हद तक श्रेय राजा राममोहन राय को जाता है जिन्होंने सबसे पहले प्रेस को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ा और भारतीयों के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक हितों का समर्थन किया। राममोहन राय ने कई पत्र भी शुरु किये जिनमें सन् 1816 में प्रकाशित बंगाल गजट भारतीय भाषा का पहला समाचार पत्र था। इसके अलावा राममोहन राय ने मिरातुल संवाद कौमुदी और बंगाल हेराल्ड जैसे पत्र निकालकर सामाजिक चेतना फैलाई।

 

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