तो,.. क्या फिर होगी सर्जिकल स्ट्राइक ?

सीमा पर बढ़ी आतंकियों की आमद

पाकिस्तान लगातार अपनी ना’पाक’ हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एलओसी पर लगातार एक के बाद एक फायरिंग और हमले की घटनाओं को अंजाम देकर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो PoK में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास कई आतंकी शिविर पनप आए हैं। माना जा रहा है कि आतंकवादियों ने यहां एक बार फिर से अपने ट्रेनिंग कैंप शुरु कर दिए हैं और यहीं पर भारत में घुसपैठ करने के लिए लॉन्चपैड्स भी सक्रीय हैं।

पिछले हफ्ते पुंछ में आतंकवादियों की ओर से रॉकेट लॉन्चर से किए गए हमले इस बात की तस्दीक करते हैं कि एलओसी पर आतंकवादी अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टस की माने तो PoK में इस वक्त करीब 55 आतंकवादी शिविर चल रहे हैं और पाकिस्तान के अलग-अलग आतंकवादी संगठन यहां से अपने ट्रेनिंग कैंप्स चला रहे हैं। पिछले साल भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 55 में से करीब 35 आतंकवादी संगठनों ने अपने ठिकाने बदल लिए थे। और पाकिस्तानी सीमा के भीतर चले गए थे। लेकिन, अब इन आतंकवादी संगठनों ने एक बार फिर अपने ट्रेनिंग कैंप्स को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से साल 2017 की शुरुआत के बाद अब तक 4 महीनों में आतंकियों की ओर से 60 बार घुसपैठ की कोशिश की गई, जिनमें से 15 आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसने में कामयाब रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घाटी में इस वक्त लगभग 160 आतंकवादी सक्रीय हैं और इन्हें भारतीय सुरक्षाबलों पर हमले करने के उनके आकाओं से निर्देश मिले हैं।

यही नहीं, आतंकवादी संगठन घाटी के स्थानीय युवकों की भर्ती भी कर रहे हैं और जानकारी के मुताबिक घाटी के करीब 100 युवक इन आतंकवादी गुटों में शामिल हुए हैं।

यानी, इन रिपोर्टस से साफ है कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज आने वाला नहीं है, और अपनी नापाक धरती पर आतंकवादियों को शह देकर पाकिस्तान भारतीय सुरक्षाबलों पर हमले कर रहा है। पिछले चार महीनों में जिस तरीके से एक के बाद एक सीमा पर जवानों की शहादत की ख़बरें आई हैं, उससे एक बार फिर उम्मीद जगती है कि पाकिस्तान के ना’पाक’ इरादों को सबक सिखाने के लिए पिछले साल की जैसी ही एक ओर सर्जिकल स्ट्राइक की जरुरत है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं)

 

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