मानवता के नाम पर हो रहे देशद्रोह का पर्दाफाश

2014 के बाद जब नरेंद्र मोदी ने देश की व्यवस्था अपने हाथों मे ली, तो टकराव सीधा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ से हुआ| स्वतंत्रता के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ को भारत में उन्मुक्त तरीके से काम करने की स्वतंत्रता मिली हुई थी| इन एनजीओ ने किसी भी प्रकार के भारतीय नियमो का आदर नही किया और ना ही स्वयं को कहीं भी भारतीय कानूनों के अनुसार रजिस्टर कराने की जहमत ही उठाई। सभी नियमों को धता बता कर यह एनजीओ दुनिया के हर कोने से विशाल धनराशि एकत्र करते रहे। ध्यान रहे कि इनमे से कई एनजीओ भारत विरोधी तत्वों (जिनमें काश्मीर के अलगाववादी तक शामिल हैं), को धन और सहायता उपलब्ध कराने के लिये कुख्यात हैं। पिछले दो वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने इस प्रकार के कार्यों मे शामिल संगठनों व तत्वों पर निगरानी रखी और विधि सम्मत कार्रवाई भी की। नयी सरकार की कठोर नीतियों के कारण ऐसे समूहों को अब कठिन समय से गुजरना पड़ रहा है। दशकों से मिलती आ रही सुविधायें अब कम होने लगी हैं और FCRA जैसे मानदंडों को पूरी तरह से लागू किया जा रहा है।

सरकार द्वारा नीतियों के सख्ती से पालन करवाने के कारण ऐसे समूह परेशान है, और लोगों का मानना है कि इसी कारण ऐमनेस्टी इंटरनैशनल और ह्यूमन राइट वाच जैसे समूह सरकार को सतत रूप से बदनाम कर रहे हैं। दशकों से इन समूहों द्वारा पाले पोसे गये प्रायोजित पत्रकार, सरकार और उसके मंत्रियों की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिये रात दिन एक किये हुए हैं। इसी कड़ी में केन रोथ, ह्यूमन राइट वाच के एग्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर ने भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से निम्न ट्वीट् किया।

ट्वीटर का उपयोग करने वाले लोगों ने बड़ी मात्रा में इस पर प्रतिक्रिया करनी शुरू की, क्योंकि जो चित्र उन्होने दिखाया था, वह भारतीय सेना के काश्मीर मे आंखो के चैकअप हेतु लगाये गये एक कैंप का था।

मूलतः कश्मीर की रहने वाली अनु शर्मा जी ने ट्वीट किया:

इस ट्वीट के होते ही चारों ओर से प्रतिक्रिया का आना शुरु हो गया, जिसमे कुछ ट्वीट लोगों के गुस्से को भी दर्शा रहे थे।

तो कुछ शांत स्वभाव से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे

और हमेशा की तरह कुछ लोग व्यंग्य पूर्ण तरीके से अपनी बात रखे रहे थे:

लेकिन प्रतिक्रिया मे आये अधिकांश ट्वीट में केन रोथ के बारे में कठोर प्रतिक्रिया थी। ह्यूमैन राइट वाच संगठन और उसके कर्ता धर्ता केन रोथ का पर्दाफाश हो चुका था, और उन्होने किसी भी प्रतिक्रिया का उत्तर देना उचित नही समझा, ये नही पता चला कि ये उनका स्वयं का अपराध बोध था या कुछ और ?

 

Team GI

Team GI is a group of committed individuals with National Interest in mind.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *